The Journey / जीवन परिचय
डॉ. जितेन्द्र कुमार
डॉ जितेन्द्र कुमार का जन्म पश्चिमी उत्तरप्रदेश के अमरोहा जनपद में सिरसा जट गाँव में हुआ।
बचपन से ही प्रकृति की गोद में पले-बढ़े
"कोविड-19 महामारी के कठिन समय ने उन्हें अपनी सोई हुई रचनात्मकता को पुनः जागृत करने का अवसर दिया।"
डॉ जितेन्द्र कुमार का जन्म पश्चिमी उत्तरप्रदेश के अमरोहा जनपद में सिरसा जट गाँव में एक किसान परिवार में 1975 में हुआ है। बचपन से ही प्रकृति की गोद में पले-बढ़े कुमार की विद्यालयी शिक्षा ग्रामीण परिवेश में ही हुई। तदुपरांत दिल्ली विश्वविद्यालय से विज्ञान स्नातक और लखनऊ विश्वविद्यालय से रसायन शास्त्र में परास्नातक और डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है।
डॉ. जितेंद्र कुमार देवनागरी महाविद्यालय गुलावठी, बुलंदशहर में दस वर्षों तक रसायन विज्ञान के सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यरत रहें हैं। संप्रति उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यकर विभाग में उपायुक्त के पद पर कार्यरत हैं ।
बचपन से ही पठन पाठन में रुचि रखने वाले डॉ कुमार की रुचि हिन्दी साहित्य में भी बनी रही। अपने छात्र जीवन से ही वे कवितायेँ लिखने लगे थे परंतु फिर उसमें लंबा अंतराल आ गया।
"कोविड-19 महामारी के कठिन समय ने उन्हें अपनी सोई हुई रचनात्मकता को पुनः जागृत करने का अवसर दिया। तब से वे निरंतर स्वांतः सुखाय लिखते आ रहे हैं और फेसबुक के माध्यम से अपनी रचनाओं को पाठकों तक पहुँचाते हैं।
एक सरल, विनम्र और जमीन एवं समाज से जुड़े रचनाकार की कविताएँ प्रेम, प्रकृति, समाज, अध्यात्म, सम्बन्ध, राजनीति, गाँव, आत्म चिंतन जैसे अनेक रंगों को समेटे हुए हैं। डॉ जितेन्द्र कुमार वर्तमान में मेरठ उत्तरप्रदेश के निवासी हैं।
